वो सरकारी गुण्डे हैं
जो कुछ करें सब ठीक, वो सरकारी गुण्डे हैं
जनता रही है चीख वो सरकारी गुण्डे हैं।
रिश्तों को भाई दोस्त के दौलत से तौलते,
पहचानते न बाप वो सरकारी गुण्डे हैं ।
थाने में पहुँचते हैं जब लिखाने रपट हम,
रिश्वत जरुर लेंगे वो सरकारी गुण्डे हैं।
सड़कों पे रोक गाड़ियां वो छीनतें पैसा ,
उनकी भरी है जेब वो सरकारी गुण्डे हैं ।
कानून को जेबों में रखके घूमते रहे,
अच्छा करें उपयोग वो सरकारी गुण्डे हैं।
वो चीखते ,चिल्लाते, देते धमकियां 'एहसास' ,
सच्चाई छुपा लेते वो सरकारी गुण्डे हैं ।
जनता रही है चीख वो सरकारी गुण्डे हैं।
रिश्तों को भाई दोस्त के दौलत से तौलते,
पहचानते न बाप वो सरकारी गुण्डे हैं ।
थाने में पहुँचते हैं जब लिखाने रपट हम,
रिश्वत जरुर लेंगे वो सरकारी गुण्डे हैं।
सड़कों पे रोक गाड़ियां वो छीनतें पैसा ,
उनकी भरी है जेब वो सरकारी गुण्डे हैं ।
कानून को जेबों में रखके घूमते रहे,
अच्छा करें उपयोग वो सरकारी गुण्डे हैं।
वो चीखते ,चिल्लाते, देते धमकियां 'एहसास' ,
सच्चाई छुपा लेते वो सरकारी गुण्डे हैं ।
-अजय एहसास
सुलेमपुर परसावां
अम्बेडकर नगर(उ०प्र)
मो०- 9889828588


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