मंत्री जी की भैंस
देखिए उनकी भी अर्ज़ी पूरी हो गई,
कबीना मंत्री की भैंस चोरी हो गई ।
ये खबर पूरे प्रदेश में प्रसाद की तरह बटी,
कि मंत्री जी के भैंस की सोने की रस्सी कटी।
मंत्री जी परेशान वो भैंस नहीं मंत्री जी की तकदीर थी,
क्योंकि उसके गले में सोने की जंजीर थी।
भैंस एक रिश्वतखोर ने गिफ्ट की थी,
मंत्री जी ने कल ही बंगले में शिफ्ट की थी।
पुलिस प्रोटेक्शन पाते ही कमबख्त कान्फीडेन्श ओवर कर गई,
खुद क्या गई पूरे पुलिस डिपार्टमेंट पर गोबर कर गई।
इतना सुनकर किसान की एक भैंस दूसरी भैंस से बोली - बहन जब मंत्री जी अपनी भैंस को नही बचा पाये ,पुलिस वाले भी लजाये शर्माये कुछ नहीं कर पाये।
तो फिर हमारी क्या पहचान है, क्योंकि हमारा मालिक तो एक मामूली किसान है।
दूसरी भैंस बोली - नहीं बहन तू यही जान नहीं पायी, क्योंकि तू अभी नाबालिग है।
तू अभी राजनीति में नहीं आयी
अरे मंत्री जी ने अपनी भैंस का अपहरण खुद कराया है, इसी बहाने अपनी पब्लीसिटी को बढ़ाया है।
और मिले आने वाले चुनाव में लाभ ,इसीलिए मामूली भैंस चोरी को अखबार में छपवाया है।
कबीना मंत्री की भैंस चोरी हो गई ।
ये खबर पूरे प्रदेश में प्रसाद की तरह बटी,
कि मंत्री जी के भैंस की सोने की रस्सी कटी।
मंत्री जी परेशान वो भैंस नहीं मंत्री जी की तकदीर थी,
क्योंकि उसके गले में सोने की जंजीर थी।
भैंस एक रिश्वतखोर ने गिफ्ट की थी,
मंत्री जी ने कल ही बंगले में शिफ्ट की थी।
पुलिस प्रोटेक्शन पाते ही कमबख्त कान्फीडेन्श ओवर कर गई,
खुद क्या गई पूरे पुलिस डिपार्टमेंट पर गोबर कर गई।
इतना सुनकर किसान की एक भैंस दूसरी भैंस से बोली - बहन जब मंत्री जी अपनी भैंस को नही बचा पाये ,पुलिस वाले भी लजाये शर्माये कुछ नहीं कर पाये।
तो फिर हमारी क्या पहचान है, क्योंकि हमारा मालिक तो एक मामूली किसान है।
दूसरी भैंस बोली - नहीं बहन तू यही जान नहीं पायी, क्योंकि तू अभी नाबालिग है।
तू अभी राजनीति में नहीं आयी
अरे मंत्री जी ने अपनी भैंस का अपहरण खुद कराया है, इसी बहाने अपनी पब्लीसिटी को बढ़ाया है।
और मिले आने वाले चुनाव में लाभ ,इसीलिए मामूली भैंस चोरी को अखबार में छपवाया है।
- अजय एहसास (कवि,लेखक)
सुलेमपुर परसावां
सुलेमपुर परसावां


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